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उम्र बढ़ने के साथ प्रोटीन की आवश्यकता: वर्तमान शोध क्या कहता है?

उम्र बढ़ने के साथ प्रोटीन की आवश्यकता एक शोध अनुसार शरीर की मांसपेशियां पहले की तुलना में प्रोटीन पर कम प्रतिक्रिया देती हैं। इस स्थिति को “एनाबोलिक रेजिस्टेंस (Anabolic Resistance)” कहा जाता है। यही कारण है कि वृद्धावस्था में मांसपेशियों का क्षय (Sarcopenia) तेज़ी से होने लगता है, जिससे कमजोरी, चलने-फिरने में कठिनाई, गिरने का खतरा और चयापचय (Metabolic Health) प्रभावित होता है।

उम्र बढ़ने के साथ प्रोटीन की आवश्यकता

प्रमुख शोध निष्कर्ष

1. केवल RDA पर्याप्त नहीं हो सकता

वर्तमान RDA (0.8 ग्राम/किलोग्राम/दिन) केवल प्रोटीन की कमी से बचाने के लिए निर्धारित किया गया था, न कि मांसपेशियों के सर्वोत्तम स्वास्थ्य के लिए।

विशेषज्ञों की सिफारिशें:

  • स्वस्थ बुजुर्ग: 1.0–1.2 ग्राम/किलोग्राम/दिन
  • बीमार या पुरानी बीमारी वाले: 1.2–1.5 ग्राम/किलोग्राम/दिन
  • कुपोषण या चोट से उबर रहे मरीज: 2.0 ग्राम/किलोग्राम/दिन तक

2. दिनभर में प्रोटीन का सही वितरण ज़रूरी

शोध बताते हैं कि बुजुर्गों को प्रति भोजन लगभग 25–30 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन लेना अधिक लाभकारी हो सकता है।

दिनभर के 3–4 भोजन में प्रोटीन को समान रूप से बाँटना, एक समय में अधिक मात्रा लेने से बेहतर माना जाता है।


3. प्रोटीन की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है

ल्यूसीन (Leucine) नामक अमीनो एसिड मांसपेशियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अच्छे स्रोत:

  • दूध और डेयरी उत्पाद
  • अंडे
  • मछली
  • चिकन
  • दालें, सोया और अन्य पौध-आधारित प्रोटीन (पर्याप्त मात्रा में)

4. केवल प्रोटीन नहीं, व्यायाम भी आवश्यक

अधिक प्रोटीन लेने से अकेले बहुत बड़ा लाभ नहीं मिलता।

रेजिस्टेंस एक्सरसाइज (Resistance Training) जैसे:

  • हल्के वजन उठाना
  • स्क्वाट
  • कुर्सी से उठना-बैठना
  • रबर बैंड एक्सरसाइज

इनके साथ प्रोटीन लेने से मांसपेशियों की मजबूती में सबसे अधिक लाभ देखा गया है।


अभी भी किन बातों पर शोध जारी है?

  • क्या अधिक प्रोटीन किडनी के लिए सुरक्षित है?
  • पशु प्रोटीन या पौध-आधारित प्रोटीन—कौन बेहतर?
  • क्या व्हे प्रोटीन या HMB जैसे सप्लीमेंट अतिरिक्त लाभ देते हैं?
  • लंबी उम्र और अधिक प्रोटीन के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए?

कुछ अध्ययनों के अनुसार मध्यम आयु में सीमित प्रोटीन दीर्घायु से जुड़ा हो सकता है, जबकि 65 वर्ष के बाद अधिक प्रोटीन मांसपेशियों और कार्यक्षमता बनाए रखने में लाभदायक हो सकता है।


निष्कर्ष

वर्तमान वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ सिर्फ प्रोटीन की मात्रा ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता, दिनभर में वितरण और नियमित शक्ति-वर्धक व्यायाम भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। अधिकांश स्वस्थ बुजुर्गों के लिए 1.0–1.2 ग्राम/किलोग्राम/दिन प्रोटीन और नियमित रेजिस्टेंस एक्सरसाइज मांसपेशियों को मजबूत रखने का प्रभावी तरीका माना जाता है।

नोट: यदि किसी व्यक्ति को क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) या अन्य गंभीर बीमारी है, तो अधिक प्रोटीन लेने से पहले डॉक्टर या पंजीकृत आहार विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

Author: Kalpdhara

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