पेशाब करने के बाद बूंद-बूंद पेशाब आना क्या है?
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जानें कारण, लक्षण और इलाज
पेशाब करने के बाद बूंद-बूंद पेशाब आना क्या है?
कई पुरुषों को पेशाब करने के बाद कपड़े पहनने या टॉयलेट से बाहर निकलने के कुछ समय बाद पेशाब की कुछ बूंदें निकलने की समस्या होती है। इसे मेडिकल भाषा में Post-Micturition Dribble (PMD) या After-Dribble कहा जाता है।
इस स्थिति में व्यक्ति सामान्य रूप से पेशाब कर लेता है, लेकिन मूत्रमार्ग में बची थोड़ी मात्रा बाद में बूंदों के रूप में बाहर निकल सकती है। यह समस्या पुरुषों में अधिक आम है। �
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अक्सर यह गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती, लेकिन यदि इसके साथ दूसरे urinary symptoms भी हों तो कारण की जांच जरूरी हो सकती है।
पेशाब के बाद बूंदें क्यों आती हैं?
पेशाब खत्म होने के बाद मूत्रमार्ग में थोड़ी मात्रा में urine रह जाना इसका एक सामान्य कारण हो सकता है। सामान्य रूप से शरीर की मांसपेशियां और मूत्रमार्ग की प्राकृतिक प्रक्रिया इस बचे हुए urine को बाहर निकालने में मदद करती हैं। जब यह प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावी नहीं होती, तो कुछ बूंदें बाद में निकल सकती हैं। �
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इसके संभावित कारण
Pelvic floor muscles का कमजोर होना
उम्र बढ़ना
अधिक वजन
पेशाब की धारा से जुड़ी समस्याएं
कुछ पुरुषों में prostate से जुड़ी समस्या
मूत्रमार्ग से संबंधित समस्या
कुछ neurological conditions
लेकिन केवल पेशाब के बाद बूंदें आने से यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि व्यक्ति को prostate enlargement या cancer है।
क्या यह प्रोस्टेट की बीमारी का संकेत है?
जरूरी नहीं।
Post-Micturition Dribble अपने आप में prostate disease का प्रमाण नहीं है। British Association of Urological Surgeons के अनुसार, बहुत से पुरुषों में इसके पीछे कोई गंभीर underlying problem नहीं होती और यह urine को मूत्रमार्ग से पूरी तरह बाहर निकालने की सामान्य प्रक्रिया के ठीक से काम न करने से संबंधित हो सकता है। �
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हालांकि यदि बूंदों के साथ:
पेशाब की धार कमजोर हो रही हो
पेशाब शुरू करने में परेशानी हो
बार-बार पेशाब लग रहा हो
रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना पड़े
bladder पूरी तरह खाली न होने का एहसास हो
तो डॉक्टर से जांच करवाना उचित है।
घर पर क्या किया जा सकता है?
यदि समस्या हल्की है और कोई अन्य चिंताजनक लक्षण नहीं हैं, तो कुछ उपाय मदद कर सकते हैं।
- पेशाब के बाद थोड़ा समय दें
पेशाब खत्म होते ही जल्दी-जल्दी बाहर निकलने के बजाय कुछ क्षण रुकें, ताकि बची हुई urine बाहर निकल सके। - Urethral milking तकनीक
पुरुषों में पेशाब के बाद मूत्रमार्ग में बची बूंदों को धीरे-धीरे आगे की ओर निकालने की तकनीक मदद कर सकती है। British Association of Urological Surgeons भी इस तरह की gentle urethral massage को PMD में उपयोगी बताता है। �
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ध्यान दें: इसे बहुत जोर से नहीं करना चाहिए। - Pelvic Floor Exercise
Pelvic floor muscles को मजबूत करने वाली exercises कुछ लोगों में bladder control और post-micturition dribble को कम करने में मदद कर सकती हैं। उपलब्ध clinical evidence में pelvic floor exercises और urethral milking दोनों को PMD के उपचार में उपयोगी पाया गया है। �
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Kegel Exercise कैसे मदद कर सकती है?
Pelvic floor muscles मूत्र नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। नियमित और सही तरीके से की गई pelvic floor exercises इन muscles को मजबूत करने में मदद कर सकती हैं।
लेकिन exercise करते समय पेशाब की धार को बार-बार रोककर अभ्यास करना उचित तरीका नहीं है। बेहतर है कि pelvic floor exercise किसी डॉक्टर या qualified physiotherapist से सही technique सीखकर की जाए।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि समस्या लगातार बनी हुई है, बढ़ रही है या रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है, तो urologist या physician से सलाह लें।
विशेष रूप से निम्न लक्षणों को नजरअंदाज न करें:
🚨 पेशाब में खून
🚨 पेशाब करते समय तेज जलन या दर्द
🚨 बुखार या ठंड लगना
🚨 कमर/पेल्विक क्षेत्र में दर्द
🚨 पेशाब की धार बहुत कमजोर होना
🚨 पेशाब रुक-रुककर आना
🚨 पेशाब बिल्कुल न निकल पाना
🚨 बार-बार या अचानक urine leakage होना
इन लक्षणों के पीछे UTI, prostate-related problems, urinary obstruction या अन्य conditions हो सकती हैं और चिकित्सकीय मूल्यांकन की आवश्यकता पड़ सकती है। Urinary symptoms के मूल्यांकन में medical history, examination और आवश्यकता के अनुसार urine test तथा post-void residual जैसी जांचें उपयोग की जा सकती हैं। �
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क्या हर बार इलाज के लिए दवा जरूरी है?
नहीं।
यदि समस्या केवल हल्के post-micturition dribble की है और कोई underlying disease नहीं है, तो lifestyle measures, pelvic floor training और सही post-void technique पर्याप्त हो सकती है। उपचार का चुनाव इसके कारण पर निर्भर करता है। �
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इसलिए इंटरनेट पर देखकर खुद से prostate या urinary medicines शुरू करना सही नहीं है।
निष्कर्ष
पेशाब करने के बाद बूंद-बूंद पेशाब आना पुरुषों में होने वाली एक आम urinary समस्या हो सकती है। इसे Post-Micturition Dribble कहा जाता है। कई मामलों में यह मूत्रमार्ग में बची थोड़ी urine को पूरी तरह बाहर न निकाल पाने से जुड़ी होती है और जरूरी नहीं कि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो। �
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लेकिन यदि इसके साथ जलन, खून, दर्द, कमजोर urine stream, बार-बार पेशाब या पेशाब रुकने जैसी समस्या है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।
महत्वपूर्ण: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। यह व्यक्तिगत diagnosis या prescription का विकल्प नहीं है।
FAQ
Q1. पेशाब के बाद बूंदें आना किस बीमारी का संकेत है?
हर बार यह बीमारी नहीं होती। इसे Post-Micturition Dribble कहा जाता है और कई मामलों में यह मूत्रमार्ग में बची urine की कुछ बूंदों से संबंधित होता है।
Q2. क्या पेशाब के बाद बूंदें आना prostate cancer का लक्षण है?
सिर्फ इस एक लक्षण के आधार पर prostate cancer नहीं कहा जा सकता। अन्य symptoms होने पर डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
Q3. क्या Kegel Exercise से फायदा हो सकता है?
कुछ लोगों में pelvic floor exercises मदद कर सकती हैं। सही technique महत्वपूर्ण है। �
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Q4. पेशाब के बाद बूंदें रोकने के लिए क्या करें?
पेशाब के बाद कुछ क्षण रुकना और उचित urethral milking technique अपनाना मदद कर सकता है। �
