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राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 6 अक्टूबर 2026: एल्बेंडाजोल खुराक, पात्रता और पूरी जानकारी

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 6 अक्टूबर 2026

पूरी जानकारी: हर पात्र बच्चे को एल्बेंडाजोल, बनाएं कृमि मुक्त और स्वस्थ बचपन

मध्यप्रदेश में बच्चों के स्वास्थ्य के लिए विशेष अभियान

पेट के कीड़े (कृमि) बच्चों को धीरे-धीरे कमजोर करते हैं, पर अक्सर इनके लक्षण साफ दिखाई नहीं देते। इसी वजह से 6 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग मिलकर इसे विशेष प्राथमिकता से चला रहे हैं। संकुल काकनवानी एवं हरीनगर के सभी विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों में पात्र बच्चों को एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी।

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 6 अक्टूबर 2026 महत्वपूर्ण तिथि

तिथिकार्यक्रम
6 अक्टूबर 2026राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस: सभी पात्र बच्चों को निर्धारित खुराक
9 अक्टूबर 2026मॉप-अप राउंड: 6 अक्टूबर को छूटे बच्चों को खुराक

कौन पात्र है?राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बच्चों के लिए कृमिनाशक दवा की खुराक और जागरूकता संदेश

1 वर्ष पूर्ण से 19 वर्ष तक के सभी बच्चे और किशोर, चाहे वे:

  • सरकारी या निजी विद्यालय में पढ़ते हों
  • आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकृत हों
  • स्कूल से बाहर हों (इन्हें आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता दवा देंगे)

खुराक: किसे कितनी?

आयु वर्गखुराक
1 साल पूरा, 2 साल पूरे नहींआधी गोली (200 mg)
2 साल पूरे से 19 साल तकपूरी गोली (400 mg)

गोली कैसे खिलाएं:

  • दवा हमेशा कार्यकर्ता के सामने खिलाएं, घर ले जाने के लिए न दें।
  • गोली भोजन के बाद दें, खाली पेट नहीं।
  • छोटे बच्चों (1 से 2 वर्ष) को गोली पीसकर, चम्मच में थोड़े साफ पानी में घोलकर दें, ताकि गले में न अटके।
  • बड़े बच्चे गोली अच्छी तरह चबाकर खाएं।
  • खुराक में अपनी ओर से बदलाव न करें, न कम और न ज्यादा।
  • दवा पूरी तरह निःशुल्क है।

कृमि कौन से होते हैं?

मिट्टी से फैलने वाले मुख्य कृमि तीन प्रकार के हैं:

  1. गोल कृमि (Roundworm): आँतों में रहकर बच्चे का पोषण छीन लेते हैं।
  2. हुकवर्म (अंकुश कृमि): आँत की दीवार से चिपककर खून चूसते हैं, इसलिए एनीमिया का बड़ा कारण हैं।
  3. व्हिपवर्म (चाबुक कृमि): आँत में सूजन और दस्त पैदा कर सकते हैं।

संक्रमण कैसे फैलता है?

  • गंदे हाथों से खाना खाना
  • नंगे पैर मिट्टी में खेलना या चलना (हुकवर्म के लार्वा पैर की त्वचा से शरीर में घुस सकते हैं)
  • खुले में शौच से मिट्टी और पानी का दूषित होना
  • बिना धुली सब्जियाँ और फल खाना
  • दूषित पेयजल और ढका न हुआ भोजन

बच्चों में कृमि संक्रमण के लक्षण

  • खून की कमी, चेहरे और हथेली का पीलापन
  • थकान, कमजोरी, चिड़चिड़ापन
  • भूख में कमी, पेट दर्द, पेट फूलना
  • वजन और लंबाई न बढ़ना
  • बार-बार दस्त
  • पढ़ाई में ध्यान न लगना, स्कूल से अनुपस्थिति

कई बार संक्रमण होने पर भी लक्षण नहीं दिखते। इसीलिए सभी पात्र बच्चों को एक साथ दवा दी जाती है।

कृमि मुक्ति के लाभ

किन्हें दवा नहीं देनी है? (मॉप-अप में दें)

  • जो बच्चा उस दिन अनुपस्थित हो

ऐसे बच्चों की सूची बनाकर उन्हें 9 अक्टूबर के मॉप-अप राउंड में दवा दी जाएगी। किसी बच्चे को पहले से कोई गंभीर बीमारी हो या वह नियमित उपचार पर हो, तो शिक्षक, आशा या ANM को पहले बताएं।

दवा के बाद संभावित हल्के दुष्प्रभाव

कुछ बच्चों को दवा के बाद जी मिचलाना, उल्टी, हल्का पेट दर्द, दस्त, सिरदर्द या चक्कर हो सकता है। ये दुष्प्रभाव अधिकतर उन बच्चों में दिखते हैं जिनके पेट में कीड़े ज्यादा होते हैं। ये आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाते हैं, घबराएं नहीं। बच्चे को आराम कराएं और साफ पानी पिलाएं।

तुरंत संपर्क करें यदि:

  • लक्षण लंबे समय तक बने रहें या बढ़ते जाएं
  • बच्चा बहुत सुस्त हो जाए या बार-बार उल्टी करे

ऐसी स्थिति में स्थानीय आशा, ANM, CHO या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

कृमि संक्रमण से बचाव के आसान उपाय

  • खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं
  • नाखून छोटे और साफ रखें
  • चप्पल-जूते पहनकर चलें
  • साफ, उबला या छना पानी पिएं
  • फल और सब्जियाँ धोकर खाएं
  • शौचालय का उपयोग करें, खुले में शौच न करें
  • खाना हमेशा ढककर रखें
  • घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें

भ्रांतियाँ और सच्चाई

भ्रांतिसच्चाई
स्वस्थ बच्चे को दवा की जरूरत नहींलक्षण न दिखें तब भी कृमि हो सकते हैं, इसलिए सभी पात्र बच्चों को दवा दी जाती है
यह दवा नुकसान करती हैयह दवा सुरक्षित है और बड़े पैमाने पर बच्चों को दी जाती रही है
दवा से बच्चा कमजोर होगाकृमि मुक्ति से पोषण और खून बेहतर होता है
एक बार खाने के बाद जीवन भर सुरक्षामिट्टी और पानी से दोबारा संक्रमण हो सकता है, इसलिए नियमित दवा और स्वच्छता दोनों जरूरी हैं

कौन क्या करेगा?

कार्यकर्ताभूमिका
शिक्षकविद्यालय में बच्चों को दवा खिलाना, छूटे बच्चों की सूची बनाना
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताकेंद्र के बच्चों को दवा देना, अभिभावकों को समझाइश
आशास्कूल से बाहर के बच्चों तक पहुँचना, घर-घर संपर्क
ANM / CHOमार्गदर्शन, दुष्प्रभाव की स्थिति में सहायता
सेक्टर सुपरवाइजर6 और 9 अक्टूबर की निगरानी, कवरेज की समीक्षा

अभिभावकों से अपील

  1. 6 अक्टूबर को बच्चे को स्कूल या आंगनवाड़ी जरूर भेजें।
  2. बच्चे को भोजन करवाकर भेजें।
  3. बच्चा बीमार हो तो शिक्षक या आशा को बताएं, उसे 9 अक्टूबर को दवा मिलेगी।
  4. अफवाहों पर ध्यान न दें, जानकारी केवल स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से लें।
  5. घर पर भी बच्चों को हाथ धोने और स्वच्छता की आदत सिखाएं।

कार्यकर्ताओं के लिए आवश्यक कार्रवाई

  • अभिभावकों को पहले से समझाइश दें।
  • 6 अक्टूबर को छूटे बच्चों की सूची तैयार रखें।
  • 9 अक्टूबर को छूटे प्रत्येक पात्र बच्चे को निर्धारित खुराक दिलाएं।
  • दवा हमेशा सामने खिलाएं।
  • किसी बच्चे को असामान्य लक्षण हों तो तुरंत ANM/CHO को सूचित करें।
  • 6 और 9 अक्टूबर दोनों दिनों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करें।

लक्ष्य: कोई भी पात्र बच्चा छूटना नहीं चाहिए।

शंका या परेशानी में संपर्क

स्थानीय आशा → ANM → CHO → स्वास्थ्य विभाग

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) /”because”,

प्रश्न 1: क्या निजी स्कूल के बच्चों को भी दवा मिलेगी?

हाँ, पात्र आयु वर्ग के सभी बच्चों को, चाहे वे सरकारी या निजी स्कूल में हों।

प्रश्न 2: बच्चा 6 अक्टूबर को स्कूल नहीं जा पाया, तो?

उसे 9 अक्टूबर के मॉप-अप राउंड में दवा दी जाएगी।

प्रश्न 3: दवा खाली पेट दे सकते हैं?

नहीं, भोजन के बाद ही दें।

प्रश्न 4: दवा का कोई शुल्क है?

नहीं, यह पूरी तरह निःशुल्क है।

प्रश्न 5: बच्चा 19 साल से बड़ा है, तो?

यह अभियान 1 से 19 वर्ष के बच्चों के लिए है।

प्रश्न 6: दवा के बाद पेट दर्द या उल्टी हो तो?

हल्के लक्षण अपने आप ठीक हो जाते हैं। बने रहें तो आशा, ANM या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

निष्कर्ष

एक गोली, कुछ रुपये भी नहीं, पर बच्चे के पोषण, खून और पढ़ाई पर लंबा असर। आइए, 6 अक्टूबर को हर पात्र बच्चे तक दवा पहुँचाएं और जो छूट जाएं, उन्हें 9 अक्टूबर को जरूर दिलाएं।

“हर पात्र बच्चे को निर्धारित खुराक: कृमि मुक्त बच्चा, स्वस्थ बच्चा!”

यह जानकारी जन-जागरूकता के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी शंका में अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य कार्यकर्ता से सलाह लें।

Title: राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 6 अक्टूबर 2026: एल्बेंडाजोल खुराक, पात्रता और पूरी जानकारी

Meta description: 6 अक्टूबर 2026 को मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस। जानें कौन पात्र है, खुराक, दुष्प्रभाव, बचाव और 9 अक्टूबर मॉप-अप की पूरी जानकारी।

Author: Kalpdhara

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